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What is Imports Business?

what is imports business? explained by jain account

अगर आप व्यापार करते हैं और अपने व्यापार को अधिक बढ़ाने के बारे में विचार कर रहे हैं। तो आयात भी एक अच्छा विकल्प हो सकता हैं। इसके लिए सबसे पहले आपको जानना होगा कि What is imports business?

अगर आप व्यापारी हैं या कोई और। आपने Imports Exports Business के विषय में पढ़ा या सुना होगा। Imports और Exports दोनो व्यापारिक कार्यों को दूसरे देशों से जोड़ने का कार्य करते हैं।

अगर आप निर्यात व्यापार के विषय में जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं तो हमारे द्वारा निर्यात के संदर्भ में लिखा गया लेख आपके लिए उपयोगी हो सकता हैं। इस लेख के माध्यम से आप निर्यात व्यापार की आरंभ से जानेंगे।

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आज हम इस लेख में आयात व्यापार के बारे में सम्पूर्ण जानकारी देंगे। ताकि आपको इस विषय से संबंधित कोई भी जिज्ञासा शेष न रहें।

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Imports Business क्या होता हैं?

दूसरे देशों के उत्पाद और सेवाओं के माध्यम से अपने देश की सुविधाओ की आपूर्ति करने का आयात व्यापार एक मार्ग हैं। जिसके माध्यम से दूसरे देशों से अपनी आवश्यकतानुसार वस्तुओं को अपने देश में लाया जाता हैं। आयात किसी क्रिया या वस्तु को संदर्भित कर सकता हैं।

सरल भाषा में कहा जाए तो

अपने देश या राज्य में उत्पाद के आपूर्ति को पूर्ण करने के लिए दूसरे देशों से उत्पाद मंगाना ही आयात व्यापार कहलाता हैं। अर्थात कोई उत्पाद या सेवा का उत्पादन अपने राज्य या देश में न होने की स्थिति में अन्य देशों से मंगाकर लोगो की आपूर्ति करना ही आयात व्यापार हैं।

Imports Business कितने प्रकार के होते हैं?

निर्यात के समान आयात भी उन्ही दो तरह से किया जाता हैं। किसी भी एक देश के लिए किया गया निर्यात किसी दूसरे देश में होने वाला आयात होता है। इसलिए दोनो के प्रकार भी एक जैसे होते हैं।

इसके बारे में सम्पूर्ण जानकारी निर्यात वाले लेख में उपलब्ध हैं। इसलिए यहां संक्षिप्त परिचय दे रहा हूं।

  1. Direct Imports: बिना किसी माध्यम के विक्रेता से सीधा उत्पाद की खरीदी करना।
  2. Indirect Imports: उत्पाद की खरीदी के लिए सीधा विक्रेता से न लेकर किसी अन्य से लेना।

आयात महत्त्वपूर्ण क्यों हैं?

हमने अक्सर सुना होगा कि किसी भी देश में निर्यात करने पर ध्यान दिया जाता हैं। कोई भी देश आयात व्यापार को बढ़ावा नहीं देते हैं पर आज हम आपको बताते हैं कि आयात व्यापार किसी भी देश के लिए क्यों आवश्यक हैं?

आयात व्यापार से मांग की बढ़ती आपूर्ति को नियंत्रित किया जा सकता हैं और नए उत्पादों का आगमन होता हैं। आपूर्ति श्रृंखला अधिक होने से उत्पाद के मूल्य में कमी होती हैं और उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद मिलते हैं। इससे सस्ता ऋण उपलब्ध होता हैं जिससे आयात व्यापार किया जा सके।

Imports Business के लाभ क्या हैं?

आयात व्यापार करने से किसी भी देश को निम्न लाभ हो सकते हैं।

  • सस्ते और उच्च गुणवत्ता युक्त उत्पाद।
  • अधिक विविधता और विदेश यात्रा।
  • नए उत्पाद और अवसर।
  • विनिर्माण की लागत को कम किया जा सकता हैं।
  • अनुकूलित लाभ अर्जित करना।
  • बिक्री को बढ़ाना।
  • विनियम का सरलीकरण करना।

आयात व्यापार की हानि क्या हैं?

आयात व्यापार से होने वाली निम्न हानिया

  • मुद्रा जोखिम।
  • राजनीतिक जोखिम।
  • कानूनी जोखिम।
  • सांस्कृतिक जोखिम।
  • सकल घरेलू उत्पाद में कमी।
  • पायरेसी का खतरा।
  • धोखाधड़ी।

आयात में होने वाले लाभ हानि को हम विस्तार से किसी अन्य लेख में बताएंगे।

आयात व्यापार का आधार क्या हैं?

आज हम वैश्विक व्यापार की मूल बातों के विषय में चर्चा करेंगे। अगर विश्व व्यापार नही होता तो शायद ही आपको कभी नए और सस्ते उत्पाद मिल पाते। इसी मूल आधार को समझते हुए विश्व व्यापार के लिए नियम बनाए गए और उनके मध्य व्यापार आरंभ किया गया।

Imports Business के नियम क्या हैं?

पुराने समय में विश्व व्यापार को स्वर्ण मुद्राएं देकर किया जाता था या वह उत्पाद विनिमय में किया जाता था इसलिए अधिक समस्या उत्पन्न नहीं होती थी। और आवागमन अधिक होने से सकल घरेलू उत्पाद पर अत्यधिक प्रभाव नहीं पड़ता था।

अभी के समय जब आयात निर्यात व्यापार होने लगा। तब काफी देश में बदलाव होने लगे। सकल घरेलू उत्पाद में गिरावट आने लगी। मुद्रा विनिमय में समस्या उत्पन्न होने
लगी। जिसके चलते विश्व व्यापार संगठन द्वारा आयात व्यापार के कुछ नियम बनाए गए।

हम कुछ विशेष नियम के बारे में जानकारी देंगे। और इसके नियम पर एक लेख अवश्य लिखेंगे हो आपको आयात निर्यात व्यापार की श्रृंखला में मिल जायेगा।

सबसे पहले आयात निर्यात व्यापार के लिए उत्पाद को एक code दिया गया जिससे विश्व में उत्पाद की पहचान एक जैसी हो।
फिर सकल घरेलू उत्पाद को बढ़ावा देने के लिए आयात कर लगाया गया।
कुछ विशेष उत्पाद के आयात पर प्रतिबंध लगाया गया।
और दोनों देशों (आयातित देश और निर्यातित देश) के समझौते को उन के अधीन कर दिया।

हम विश्व व्यापार संगठन के नियम और भारतीय आयात निर्यात के नियम पर विस्तार से बताएंगे।

Imports Business का उद्देश्य क्या हैं?

आयात व्यापार का मुख्य उद्देश्य अपने राज्य या देश की आपूर्ति को पूर्ण करना हैं। साथ ही अपने लोगो को अच्छी गुणवत्ता युक्त उत्पाद सस्ता देना हैं। इसलिए एक देश अपने बाजार को विश्व बाजार के लिए खोल देता हैं। जिसके कारण कई उत्पाद उस बाजार में उपलब्ध होते हैं जो इस देश में नहीं बनते हैं। वहा के लोगो को विकल्प उपलब्ध हो जाता हैं।

भारत में आयातित उत्पाद कोनसे हैं?

भारत कई उत्पाद को अन्य देशों से खरीदता हैं। कुछ उत्पाद हमारे यहां मिलते नहीं तो कुछ हमारे यहां महंगे दामों पर मिलते हैं। इसमें से कुछ उत्पाद जैसे petroleum, Electronics products, jwellery, machinery, fertilizer and edible oil शामिल हैं।

Imports tax क्या होता हैं?

किसी भी देश द्वारा विदेश व्यापार नीति के अंतर्गत दूसरे देशों से खरीदे गए उत्पाद पर लगाया जाने वाले कर को imports tax या imports duty या Custom कहते हैं। जिससे वह अपने राजस्व में वृद्धि करता हैं और साथ ही घरेलू उत्पाद की बिक्री को बढ़ावा देता हैं।

निष्कर्ष

इस लेख में आपने आयात के बारे में सीखा और जाना कि एक देश आयात क्यों करता हैं और कर क्यों लगाता हैं। इसके अलावा आपने इसके लाभ हानि के बारे में जानकारी प्राप्त की।

अगर आपको इस लेख से संबंधित कोई भी राय या प्रश्न हो तो हमारी साथ टिप्पणी के माध्यम से सांझा अवश्य करें। आपकी प्रतिक्रिया हम आपके लिए और अधिक महत्वपूर्ण लेख लिखने के लिए प्रेरित करते हैं।

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