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Price Earning Ratio क्या हैं?

Price Earning Ratio kya hai

Price Earning Ratio शेयर बाजार में किसी भी company के fundamentals का एक छोटा सा भाग होता हैं। जिससे कंपनी की वित्तीय स्थिति का अनुमान लगाया जाता हैं।

आमतौर पर अमीर बनने के लिए ढेर सारी मेहनत करनी पड़ती है। परंतु एक ऐसा तरीका भी है जहां अमीर बनने के लिए मेहनत नहीं बस थोड़ी सी planning करनी पड़ती है। और एक प्रकार का speculation game खेलना पड़ता है।

जी हां, हम बात कर रहे हैं share market की। शेयर बाज़ार मतलब stock exchange। शेयर बाज़ार अन्य बाज़ार की तरह ही एक बाज़ार होता है पर यहां पर फल सब्जियों की जगह शेयरों की खरीद बिक्री होती है।

जल्द से जल्द अमीर हो जाने का सपना कौन नही देखता? किंतु लालच अधिक और धीरज कम होने के कारण लोगों को हानि हो सकती हैं। इसके लिए आपको शेयर बाज़ार को अच्छे से समझने की आवश्यकता है।

अगर आप शेयर बाज़ार में कुछ भी नहीं जानते हैं तो आपको हमारा यह लेख अवश्य पढ़ना चाहिए। “शेयर बाजार की संपूर्ण जानकारी।” इस लेख में आपको शेयर बाज़ार की मूल जानकारी उपलब्ध करवाई गई हैं।

Keywords
Understand share market.
What is price earning ratio?
How to calculate price earning ratio?
Why do we calculate PE ratio?
How many types of price earning ratio?
How to invest according price earning ratio?
What are advantages and disadvantage of price earning ratio?

शेयर क्या होते हैं?

आइये सबसे पहले जानते हैं शेयर आखिर होते क्या है? और किसी भी शेयर को खरीदने से पहले price earning ratio को check क्यों किया जाता हैं। शेयर मतलब एक कंपनी में आपके द्वारा लगाया गया हिस्सा।

उदाहरण के तौर पर एक कम्पनी ने ₹100 के 10,000 शेयर निकालें और लोगों में बेच दिए। इस प्रकार इन 10,000 शेयर को खरीदने वाले लोग उस कंपनी के शेयर होल्डर बन गए और कम्पनी को ₹10,00,000 भी मिल गए। मतलब उस कम्पनी की value हुई 10,00,000 रुपये।

मान लीजिए यदि किसी व्यक्ति ने उस कंपनी के ₹100 के 10 शेयर खरीद लिए तो वह व्यक्ति उस कंपनी में 0.001% का मालिक बन गया। इसी प्रकार शेयर खरीदने वाले व्यक्ति अलग-अलग प्रतिशत के मालिक बन जाते हैं।

किंतु किसी भी कंपनी के शेयर खरीदने और बेचने के लिए सबसे ज्यादा जरूरी होता है कि हमें उसे कंपनी के P/E ratio के बारे में पता हो। P/E ratio जानने के बाद ही निवेशक उस कंपनी के शेयर में निवेश कर लाभ कमा सकते हैं।

Price Earning Ratio क्या होता है?

Price Earning Ratio definitions : P/E Ratio एक वित्तीय अनुपात है जो किसी कंपनी के शेयर के मूल्य और प्रति शेयर की आय के बीच का अनुपात होता है। इसका मतलब मूल्य से आय का अनुपात।

मूल्य से आय अनुपात आमतौर पर वह आंकड़ा होता है जो कंपनी के स्टॉक की कीमत को कंपनी की कुल आय से भाग करने पर हमें प्राप्त होता है। जिससे हमें निवेश करने में सहायता मिलती हैं।

जैसे किसी कंपनी के शेयर का मूल्य हमें यह बताता है कि कंपनी के शेयर खरीदने के लिए हमें कितने पैसे खर्च करने होंगे। वहीं P/E ratio हमें यह बताता है कि हम जब किसी कंपनी के शेयर खरीद रहे हैं तो क्या यह P/E ratio उस कंपनी की कमाई क्षमता को दिखा भी रही है या नहीं।

कई बार ऐसा भी होता है कि समय के साथ उस कंपनी की कमाई की क्षमता बढ़ जाती है। Prices earning ratio हमें यह दिखाते हैं कि कंपनी के शेयर overvalued है या undervalued है।

अगर शेयर overvalue है तो उस कंपनी में निवेश करना लाभदायक नहीं माना जाता वहीं यदि कंपनी के शेयर undervalue है तो उस कंपनी में निवेश करना हमेशा लाभदायक माना जाता है।

उदाहरण के लिए अगर कोई कंपनी अपना शेयर ₹100 में बेच रही है और कंपनी सालाना ₹4 एक शेयर पर कमा रही है तो कंपनी के शेयर का P/E ratio 100/4 होगा मतलब की ₹25.

किसी भी कंपनी के शेयर का P/E ratio हमेशा स्थिर नहीं होता। वह समय-समय पर बदलता रहता है। आमतौर पर कंपनियां तिमाही या छमाही के आधार पर अपनी report तैयार करती है। इसी के आधार P/E Ratio निर्धारित किया जाता है।

आसान शब्दों में कहा जाए तो P/E ratio का अर्थ है कीमत को कमाई से विभाजित करना।

price earning ratio mean

P/E ratio = price of share/ earning from share

P/e ratio के कितने प्रकार होते हैं?

P/E ratio के कुल तीन प्रकार होते हैं

  • Trailing p/e ratio: TTM अनुपात गणना करने का एक तरीका है जिसमें कंपनी के 12 महीना की कमाई का उपयोग गणना के लिए किया जाता है। इस गणना में कंपनी के पिछली कमाई को ध्यान में रखा जाता है जिससे कि कंपनी भविष्य में कितना लाभ कमाएगी इसके बारे में पता चल सकता है। आमतौर पर google, yahoo और financial website इसका उपयोग P/E ratio गणना करने के लिए करती है।
  • Forward P/E ratio: इसमें कंपनी भविष्य के 12 महीनों में होने वाली आय का अंदाजा लगाकर price to earning ratio calculation करती है। forward calculation में कंपनी आने वाले समय में किस प्रकार का प्रदर्शन करेगी इसकी गणना की जाती है। क्योंकि यह पूरी तरह से धारणा पर आधारित होता है इसलिए निवेशक इस गणना का उपयोग करने से बचते हैं।
  • Justify P/E ratio : इस अनुपात के माध्यम से भी गणना की जाती है। जिसमें कंपनी के कुल 10 वर्षों की औसत कमाई से कीमत को विभाजित किया जाता है। आमतौर पर All Stock Index का मूल्यांकन करने के लिए इस गणना का उपयोग किया जाता है। इस गणना में कंपनी द्वारा दिये जाने वाले dividend को भी गणना में सम्मिलित किया जाता है।

Price earning ratio की गणना किस प्रकार की जाती है?

Price earning ratio calculation करने का एक आसान सा formula है

P/E = Price per share/Earning per share

how to calculate price earning ratio?

Price earning ratio formula को समझने के लिए हमें सबसे पहले यह समझना होगा। earning per share क्या होता है? Earning per share का अर्थ होता है कंपनी का कुल लाभ अगर सारे शेयर निवेशक को समान मात्रा में बांट दिया जाए तो प्रत्येक व्यक्ति को जो मिलेगा वह earning per share कहलाता है ।

Earning per share की गणना करने के लिए formula इस प्रकार से है

EPS = net profit/number of shares

इसे हम एक उदाहरण से समझते हैं। यदि एक व्यापार में कुल 8 भागीदार है और कंपनी को ₹200 का लाभ हुआ है। तो इस ₹200 के लाभ को कंपनी 8 लोगों में बांट देगी अर्थात की 200/8। ऐसे में प्रत्येक व्यक्ति को ₹25 प्रति शेयर मिलेगा और यह ₹25 ही eps होता है। eps के आधार पर हम कंपनी के P/E ratio की गणना कर सकते हैं

उदाहरण के लिए हम Reliance के P/E ratio की गणना करते हैं। चूकि Reliance Price per share value 2086 हैं और इसका EPS 77.50 हैं। तो इसका price earning ratio 27 होगा। अर्थात आप रिलायंस का शेयर खरीदने के लिए रिलायंस को 27 गुना पैसा दे रहे है।

P/E ratio calculation – 2086÷77.50= 26.91

नीचे हम कुछ प्रसिद्ध कंपनी के price earning ratio data को सांझा कर रहे हैं। भविष्य में यह data परिवर्तित हो सकते हैं। किन्तु इनकी गणना करने का सूत्र यही होगा।

CompanyLast priceChange% changeCepsEPSP/CP/E
Max financial939.550.600.060.150.066,236.6715,659.17
Sv global mill79.262.493.240.200.01396.257,925.00
Medplus health728.00-18.55-2.481.520.23478.953,165.22
Bhel178.25-2.151.190.870.13204.891371.15
Godrej ind691.0012.601.862.900.55238.281256.36
Nam securities71.390.570.800.220.06324.501,189.83
India home loan30.990.240.780.250.01123.963099.00
Black box240.0511.404.990.430.05558.264.801.00
Real eco energy31.500.401.290.010.013,150.003,150.00
Table of companies showing P/E ratio

Stock exchange से प्राप्त data के आधार पर इस सूची को बनाया गया है। इस सूची में जो कंपनी हरे रंग से दर्शाई गई हैं। वह सबसे ज्यादा P/E ratio वाली companies है। वही लाल रंग से दर्शाई गई companies कम P/ E ratio वाली कंपनियां हैं।

Price earning ratio के आधार पर किस प्रकार निवेश करें?

P/E ratio कंपनी का वह अनुपात होता है जिससे उस कंपनी के भविष्य के विकास की गणना की जाती है। price earning ratio के आधार पर निवेश करने के लिए निवेशक विकास निवेश रणनीति या मूल्य निवेश रणनीति का उपयोग करते हैं।

High price earning ratio में कैसे निवेश करें?

जब P/E ratio अधिक होता है तो ऐसे में माना जाता है कि यह कंपनी भविष्य में अच्छी growth करेगी। ऐसे में निवेशक उम्मीद करते हैं कि भविष्य में इस कंपनी में निवेश करने पर लाभ बढ़ेगा। और ऐसी कंपनी में निवेश करने के बाद मूल्य और लाभ अनुपात ज्यादा अधिक बनता है।

कई बार कुछ कंपनियां पिछले वर्ष में बहुत सीमित लाभ कमाती हैं ऐसी कंपनियों का P/E ratio भी उच्चतम हो जाता है। इसीलिए निवेश करने से पहले यह सब कुछ देखना बहुत ज्यादा जरूरी होता है।

किसी भी कंपनी में निवेश करने से पहले यह देखना जरूरी होता है कि कंपनी ने पिछले वर्ष में कितनी आय अर्जित की थी? भविष्य में यह कंपनी कितनी आय अर्जित कर सकती है? और इस कंपनी में विकास की उम्मीद कितनी है? इन सभी को जानने के पश्चात उस कंपनी में निवेश करना चाहिए।

हर बार P/E ratio के आधार पर हम कंपनी में निवेश नहीं कर सकते क्योंकि कई बार P/E ratio के माध्यम से हम सटीक जानकारी प्राप्त नहीं कर पाते।

Low price earning ratio में निवेश किस प्रकार करना चाहिए?

कम P/E ratio वाली कंपनी ऐसी कंपनीयाँ होती है जिनकी कमाई उनकी शेयर की कीमत की तुलना में ज्यादा होती है। ऐसे में इन कंपनियों में निवेश करने से पहले निवेशक मूल्य में निवेश की रणनीति का पालन करते हैं।

कम P/ E ratio वाली कंपनी में निवेश करने से पहले यह देखना जरूरी है कि इस कंपनी को अगर किसी प्रकार का कोई लाभ हुआ है तो उसके कारण क्या है? यदि कंपनी को अचानक से किसी प्रकार का लाभ हुआ है जिसका बाज़ार से सीधा संबंध है तो ऐसी कंपनी में निवेश करना जोखिम का काम माना जाता है।

किसी भी कंपनी में निवेश करने के लिए price earning ratio कितना होना चाहिए?

किसी भी कंपनी में निवेश करने से पहले उस कंपनी की price earning ratio value पता होनी चाहिए। यदि Price to earning ratio value के बारे में निवेशक को जानकारी होती है तो ऐसे में निवेशक इस बात का मूल्यांकन कर सकता है कि उस कंपनी में निवेश करना लाभदायक होगा या नहीं।

ऐसे में निवेशक के लिए P/E ratio देखना जरूरी होता है। यह P/E इस प्रकार से हो सकता है:

  • 0 से 10 के बीच : यदि किसी कंपनी का p/e 0 से 10 के बीच है तो इस कंपनी में निवेश करने से लाभ कम ही प्राप्त होगा।
  • 10 से 17 के बीच : 10 से 17 के बीच के P/E Ratio वाली कंपनी में निवेश करना आमतौर पर सावधानी का काम माना जाता है।
  • 17 से 25 के बीच : यदि किसी कंपनी का P/E Ratio 17 से 25 के बीच का है तो इसका मतलब आने वाले समय में यह कंपनी ज्यादा मुनाफा कमाएगी और इसमें निवेश करना लाभदायक होगा।
  • 25 से अधिक : यदि किसी कंपनी का P/E Ratio 25 से अधिक है तो इसका मतलब यह कंपनी भविष्य में बहुत ज्यादा मुनाफा कमाएगी। हालांकि कई बार ज्यादा P/E होना खतरे की घंटी भी हो सकता है।

Price earning ratio के लाभ और हानि क्या हैं?

Price earning ratio का metric अलग-अलग जगह पर अलग-अलग तरीके से उपयोग किया जाता है। हालांकि यह काफी लाभदायक प्रक्रिया मानी जाती है जिसके माध्यम से निवेशक शेयर मार्केट में निवेश कर पाते हैं।

इसके फायदे इस प्रकार से होते हैं:

Price earning ratio की वजह से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कंपनियों की तुलना करना आसान हो जाता है, जिससे निवेशक जान पाता है कि किस कंपनी में निवेश करना है।

Price earning ratio की गणना अलग-अलग अनुपात में होती है यदि कोई कंपनी लाभांश का भुगतान नही भी करती हो तो भी उसकी प्राइस अर्निंग रेशों की गणना संभव हो जाता है जिससे निवेशक को निवेश करने में आसानी होती है।

Price earning ratio एक गतिशील अनुपात होता है। यह एक फिल्टर के रूप में काम करता है जिसके माध्यम से निवेशक भविष्य में किस कंपनी में निवेश करना चाहिए यह निर्धारित कर सकता है।

Price earning ratio के नुकसान इस प्रकार से होते हैं:

कंपनी का लाभ हमेशा एक जैसा नहीं होता। कंपनी हर महीने नई स्थिति में नया लाभ अर्जित करती है। इसीलिए यह कंपनी की वर्तमान स्थिति को प्रभावी रूप से नहीं दिखाता। जिसकी वजह से Price earning ratio की गणना या तो पिछले वर्ष के डेटा पर आधारित होती है या तो आने वाले वर्ष के data पर आधारित होती है।

Price Earning Ratio की सीमाएँ क्या हैं?

Price Earning Ratio limitations निम्न हैं –

यह महत्वपूर्ण है कि निवेश करने से पहले आप उद्योग, कंपनी, और आर्थिक संदर्भ को ध्यान में रखें और समझें। Price Earnings Ratio की सीमाएँ व्यापक हो सकती हैं और इसे विभिन्न क्षेत्रों और उद्योगों के आधार पर मूल्यांकन किया जा सकता है। सामान्यत:

उद्योग के किसी विशेष क्षेत्र मे यह अनुपात उद्योग के प्रकार और स्थिति के आधार पर भिन्न हो सकता है। हालाँकि मूल्य आय अनुपात के माध्यम से किसी कंपनी के शेयरों का मूल्य का उचित अनुमान लगाया जा सकता है। किंतु इसमें निवेशकों द्वारा गलती होने की संभावना रहती हैं।

प्रमुख शेयर बाजारों में, सामान्यत: P/E अनुपात 15 से 25 के बीच हो सकता है। उच्च निवेश को दरकिनार करने वाले क्षेत्रों में P/E अनुपात अधिक हो सकता है। जबकि विकसित या स्थिर उद्योगों में यह कम हो सकता है।

शेयर value प्रतिदिन बदलती रहती हैं किंतु मूल्य आय अनुपात की गणना को तीन माह में एक बार किया जाता हैं। इसके साथ यह गणना EPS वृद्धि दर पर विचार नहीं करती है। जिससे निवेशकों की ओर से त्रुटि की पर्याप्त गुंजाइश रह जाती है।

आपके निवेश के निर्णय में और भी कई कारकों को ध्यान में रखना महत्वपूर्ण है, जैसे कि कंपनी के प्रबंधन की गुणवत्ता, उद्योग के मौद्रिक दृष्टिकोण, और विस्तार से आर्थिक report।

price earning ratio analysis करते समय यह भी ध्यान देना महत्वपूर्ण है कि कंपनी के अनुमानित आगामी आर्थिक स्वास्थ्य, उसकी वित्तीय स्थिति, और उसके उद्यमिता की दृष्टि से भी संबंधित हो सकता है। इसके अलावा, निवेश की अवधि, आपके निवेश के उद्देश्य, और आपकी वित्तीय स्थिति के आधार पर सही वित्तीय योजना बनाना भी अच्छा होता है।

अगर किसी कंपनी का P/E अनुपात अच्छा हो, तो यह संकेत हो सकता है कि बाजार ने उसकी भविष्य की स्थिति को अच्छी तरह से मूल्यांकित किया है। हालांकि, यह एकमात्र आंकड़ा नहीं है और अन्य अनुसंधान भी की जरूरत होती है।

निवेश में सावधानी बरतना हमेशा उचित है, और आपको अपने निवेश लक्ष्यों और ऋण-रहिति स्तर के साथ मेल खाना चाहिए। अंत में ध्यानपूर्वक और सतर्की से निवेश करना हमेशा सुरक्षित और सफल निवेश की सुनिश्चितता बढ़ाता है।

Friquently Asked Questions

what is a good price to earning ratio?

17-25 तक good price earning ratio होता हैं।

Price earning ratio improve कैसे करें?

इसके लिए कंपनी को अपने लागत प्रबंधन और आय वृद्धि में ध्यान केंद्रित करना चाहिए। साथ ही कंपनी के वित्तीय स्वास्थ्य के लिए नवाचार लाना चाहिए। इसके अलावा निवेशकों से संवाद कर उनके लिए अच्छी dividend scheme बनाना चाहिए। इससे price earning ratio value increase होने की संभावना होती हैं।

Absolute P/E Ratio और Relative P/E Ratio में क्या अंतर हैं?

पूर्ण मूल्य आय अनुपात में परंपरांगत तरीके से किसी कंपनी के वर्तमान शेयर मूल्य को पिछली कमाई या भविष्य की कमाई से विभाजित किया जाता है। किंतु सापेक्ष मूल्य आय अनुपात में गणना पिछली कीमत से आय के मुकाबले में की जाती हैं।

निष्कर्ष

आज हमने इस लेख के माध्यम से price earning ratio meaning के बारे में जानकारी प्राप्त किया। और इसके विश्लेषण के बारे में सीखा। हमने इसकी सीमा, लाभ और हानि, गणना जैसे विषय पर अपने विचार व्यक्त किए।

इस प्रकार Price earning ratio के बारे में निवेशक को पता होना अत्यंत आवश्यक है। price earning ratio के आधार पर ही निवेशक शेयर मार्केट में निवेश का पता है और यह निर्धारित कर पाता है कि किस कंपनी में निवेश करना लाभदायक होगा और किस कंपनी में निवेश करना जोखिम सिद्ध होगा।

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अगर आपको इस लेख से संबंधित कोई भी राय या प्रश्न हो तो हमारी साथ टिप्पणी के माध्यम से सांझा अवश्य करें। आपकी प्रतिक्रिया हम आपके लिए और अधिक महत्वपूर्ण लेख लिखने के लिए प्रेरित करते हैं।

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