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National Stock Exchange ने कैसे बदला भारतीय शेयर बाजार का खेल?

How National Stock Exchange competed with Bombay Stock Exchange?

दोस्तों National Stock Exchange के बारे में बात करने से पहले हम जान लेते है What is Share Market? यह एक ऐसा बाजार है जहां पर listed public company के stocks को खरीदा या बेचा जा सकता है।

जिस तरह से furniture खरीदने के लिए आप बाजार जाते हो, सब्जी खरीदने के लिए आप सब्जी के बाजार जाते हो, उसी तरह से “listed public company” के stocks को खरीदने के लिए Share market जाते हो ।

Share market में भी कई सारे अलग अलग division होती है, जहाँ से आप stocks को खरीद या बेच सकते हो। इन्हीं division को stock exchange कहा जाता है। stock exchange मतलब जहाँ पर stocks का trading होता हो। किसी ने खरीदा तो किसी ने बेचा।

भारत में मुख्य दो प्रकार के stock exchange है- “Bombay Stock Exchange” इसको हम लोग BSE बुलाते हैं और दूसरा है “National stock exchange” इसको हम NSE बोलते है। Bombay stock exchange में लगभग 5000 listed company है और national stock exchange में लगभग 2000 listed company है ।

Keywords
What is full form of NSE?
What are national stock exchange in simple words? What is NSE and its functions and objectives?
What is history of National stock exchange?
Who is the founder of National stock exchange?
What is Role of National Stock Exchange in the stock market of India?
How many companies are listed in NSE?
What is advantages of listing in national stock exchange?
What is difference between national stock exchange and Bombay stock exchange?
Who is CEO of National stock exchange?
What is trading system in national stock exchange?
Do Americans invest in the Indian stock market?
How to buy unlisted shares of National Stock Exchange?
What is full form of nifty?
What are the motives of NSE?
How does NSE make money?

National stock exchange क्या है?

भारत में electronic और नई पद्धति के साथ बनने वाला first stock exchange हैं। इसलिए NSE को first electronic Stock exchange in India भी कहा जाता हैं। NSE में Non-physical and Non-tangible तरीके से शेयर के अंक परिवर्तित होते हैं। modern Stock exchange in India होने से NSE निवेशकों को बिना किसी रुकावट के e-trading की सुविधा मुहैया कराने में सक्षम हैं।

भारतीय शेयर बाजार में equity derivatives and debt instruments को support करने वाले सभी investors को एक मंच पर लाने वाला NSE हैं। Electronics Business facilities होने के कारण ही यह संभव हो पाया हैं।

NSE in simple words

यह एक share market के रूप में काम करता है। जहां लोग अपने share को बेचते और खरीदते हैं। साथ ही साथ यहां पर आपको brokers भी मिलते हैं जो कि आपको shares खरीदने और बेचने में आपकी मदद करते हैं और आपको सही सलाह देते हैं।

National Stock Exchange का इतिहास क्या है?

NSE की स्थापना 1992 में हुई थी। यह भारत का बड़ा stock exchange है और यह पूरी दुनिया के शेयर बाजार में 11वा स्थान रखता है। यह भारत की राजधानी मुंबई में है और भारत सरकार ने इसकी स्थापना 25 million INR के साथ की थी और आज के समय में इस पर दो हजार से ज्यादा कंपनी लिस्टेड है।

यह सबसे first electronic Stock exchange के रूप में उभर कर आया था। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ने सन 2000 में इंटरनेट के जरिए बिजनेस को शुरू किया और इसका सीधा प्रभाव यह हुआ कि कोई व्यक्ति अगर share market में रुचि रखता है तो वह बड़े आराम से यहां पर व्यापार कर सकता है या निवेश कर सकता है। बस उनके पास इंटरनेट कनेक्शन रहना चाहिए चाहे वह किसी भी जगह पर से ट्रेडिंग कर रहे हो।

NSE में अगर आपको शेयर को लाना होता है तो उससे पहले आपको SEBI के तहत खुद को पंजीकृत कराना होता है

भारत के शेयर बाजार में National Stock Exchange की भूमिका क्या हैं?

Bombay stock exchange भारतीय शेयर बाजार में 1875 से कार्यरत है। लेकिन कुछ मामूली सी कमियों की वजह से और उन्हें पूरा करने के लिए कुछ advance technology के साथ national stock exchange का गठन हुआ जैसे

  1. NSE ने equity loan और बाकी सारे उपकरणों के लिए electronics trading platform दिया है।
  2. इंटरनेट नेटवर्किंग के जरिए इसने पूरे देश के निवेशकों को एक जैसी पहुंच प्रदान की है।
  3. NSE ने electronics trading platform के जरिए निवेशकों को ऐसा साफ सुथरा और बिना पक्षपात का अच्छा मार्केट दिया है।
  4. यह international markets के सिद्धांतों को भी पूरा करता है।
  5. NSE एक वित्तीय बाजार की तरह काम करता है, जिसमें शेयरों के खरीददार और बेचनेवालों को मिलकर वित्तीय सूचना, लिक्विडिटी, और सुरक्षा प्रदान की जाती है।
  6. NSE निवेशकों के लिए सुरक्षित और ट्रांसपेरेंट व्यापार की प्राथमिकता देता है। यह SEBI (Securities and Exchange Board of India) के नियमों और मानकों का पालन करता है ताकि निवेशकों को सुरक्षितता और विश्वास की भावना हो।
  7. NSE वित्तीय बाजार की Liquidity को बढ़ाने के लिए कई मूल्य निर्धारण और व्यापार के प्रक्रिया निर्धारित करता है, जिससे व्यापार का विस्तार होता है।
  8. NSE के माध्यम से नए निवेशक आसानी से शेयर बाजार में प्रवेश कर सकते हैं और विभिन्न निवेश विकल्पों के साथ जुड़ सकते हैं।
  9. NSE भारतीय शेयर बाजार के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और यह शेयर बाजार की स्थिरता और प्रदर्शन को बढ़ावा देने में मदद करता है।

भारतीय शेयर बाजार में हुए National Stock Exchange के बदलाव

भारतीय शेयर बाजार के वोलेटिलिटी में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का बहुत योगदान रहा हैं। भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों और कंपनियों के मध्य जुड़ाव रखने और उनको बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के लिए NSE ने अभी तक कई बदलाव किए हैं। जिनमे से कुछ महत्त्वपूर्ण बदलाव हम आपके साथ सांझा कर रहे हैं।

  • NSE NIFTY 50: NSE NIFTY 50 भारतीय शेयर बाजार का मुख्य इंडेक्स है। इसमें 50 शेयरों का संचयन होता है और यह शेयरों के प्रदर्शन को मापता है।
  • NSE का तकनीकी अद्यतन: NSE ने अपनी तकनीकी जागरूकता को बढ़ाया और वित्तीय बाजार की दिशा में नवाचार किया।
  • Online व्यापार: NSE ने ऑनलाइन व्यापार को प्रमोट किया और नए व्यापारकों के लिए विभिन्न डिजिटल प्लेटफार्मों को पेश किया।
  • सुरक्षा मानक: बाजार में और अधिक नियमित और सुरक्षित व्यापार के लिए सुरक्षा मानकों में सुधार किया गया था।
  • IPOs/FPOs और listing: नई कंपनियों के IPOs, FPOs और शेयर बाजार में लिस्टिंग के बदलाव हुए थे और नई कंपनियों के Initial Public Offerings (IPOs) और फिलिंग पब्लिक ऑफरिंग (FPOs) की संख्या में वृद्धि हुई। जिससे बाजार में नए विकल्प मिले और निवेशकों को नई निवेश के अवसर मिले।
  • Mutual Funds: Mutual Funds की Popularity में वृद्धि हुई। जिससे विशेषज्ञ प्रबंधकों द्वारा निवेश किया जा सकता है और छोटे निवेशकों के लिए एक सुरक्षित विकल्प प्राप्त हुआ।
  • Derivatives Market: Derivatives Market जैसे कि Futures and Options में नए उपकरण और निवेश विकल्प पेश किए गए। जिससे निवेशकों को बचाव और व्यापार के लिए अधिक विकल्प मिले।
  • बजट: सरकारी बजट में विभिन्न अधिसूचनाओं और पॉलिसी में परिवर्तन हुए जिससे वित्तीय बाजार पर प्रभाव पड़ा।
  • SEBI के नियम: भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों की सुरक्षा के लिए Securities and Exchange Board of India (SEBI) ने नियमों में सुधार किया और शेयर बाजार को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के प्रयास किए।

National Stock Exchange पर लिस्टिंग होने के क्या लाभ हो सकते हैं?

  1. अगर कोई कंपनी NSE के तहत listed हो जाती है तो निवेशकों के बड़े ग्रुप को उन तक पहुंचने में समय नहीं लगता और उनके शेयर्स जल्दी बिकते हैं।
  2. इसके तहत अगर कोई कंपनी listed होती है तो उसे यह फायदा मिलता है कि उस company की reputation बढ़ती है, विश्वास बढ़ता है और यह उस कंपनी की ख्याति को बढ़ाता है।
  3. इसके तहत अगर कोई company listed होती है तो वह ऋण भी जारी कर सकती है और इससे वह अपनी extra income को और बढ़ा सकती है।
  4. इसके अंतर्गत अगर कोई company listed होती है तो उसकी जांच भी अधिकतर होती रहती है। जिसकी वजह से उसमें जो कमियां होती है उन्हें भी पहचान कर दूर करने में मदद मिलती है। और कंपनी की प्रतिष्ठा अच्छी होने से उसके shares के खरीददार भी बढ़ते हैं।
  5. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के अंदर अगर कंपनी लिस्टेड होती है तो वहां पर कंपटीशन की भावना आती है जिससे कि हर कंपनी अपनी पूरी कोशिश करती है टॉप कर जाने की।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के विशेषताएँ क्या हैं?

NSE को शेयर बाजार में सबसे उन्नत बनाना था l इसलिए उसमे कई विशेषताओं को लाया गया जिससे व्यापारिक लेनदेन को बेहतर बनाने में सफल हो। इसी उद्देश्य के साथ NSE की स्थापना की गई थी। जिसकी विशेषताएं निम्न हैं:

  • liquidity: NSE भारतीय शेयर बाजार की महत्वपूर्ण liquidity स्रोत है, जिससे निवेशकों को बड़ी वित्तीय सूचना को आसानी से खरीदने और बेचने का अवसर मिलता है।
  • पारदर्शिता: NSE पारदर्शिता को प्राथमिकता देता है और विनिमय की प्रक्रिया को सार्वजनिक बनाता है, जिससे निवेशकों को सही जानकारी प्राप्त करने का अधिक विश्वास होता है
  • शिक्षा और प्रशिक्षण: NSE निवेशकों के लिए शिक्षा और प्रशिक्षण के अवसर प्रदान करता है, जिससे वे शेयर बाजार की ज्यादा उचित समझ सकते हैं और सही निवेश के फैसलों पर पहुंच सकते हैं।
  • विभिन्न वित्तीय उपकरण: NSE पर वित्तीय उपकरणों का विस्तार उपलब्ध है- जैसे कि Shares, Derivatives, और Mutual Funds. जिससे निवेशक अपने लक्ष्यों के अनुसार उपकरण चुन सकते हैं।
  • सुरक्षा: NSE निवेशकों के लिए सुरक्षा की प्राथमिकता देता है और उनकी सुरक्षित व्यापार की सुनिश्चित करने के लिए बेहद सख्त नियमों का पालन करता है।
  • नवाचार: NSE वित्तीय बाजार में नए नवाचारों का समर्थन करता है, जैसे कि Digital finance, electronic finance, और अन्य नए प्रौद्योगिकी और वित्तीय उपकरण।
  • बेचने और खरीदने का आसानी से तरीका: NSE पर शेयर खरीदने और बेचने का आसानी से तरीका प्राप्त होता है। जिससे निवेशकों को बाजार में अपने निवेश को अपडेट करने का अधिक नियंत्रण मिलता है।
  • तकनीकी उन्नति: NSE तकनीकी उन्नति के लिए प्रसिद्ध है और इसमें नवाचारी तकनीक का प्रयोग करता है। जिससे व्यापारकों को अधिक गति और सुविधा मिलती है।
  • व्यापार की शीर्षता: NSE NIFTY 50 जैसे गोल्डन इंडेक्स का मुख्यत: बाजार होता है और इसके जरिये निवेशकों को बाजार के प्रमुख शेयरों का प्रदर्शन करता है।

NSE and BSE मैं अंतर क्या है?

  1. BSE एशिया का सबसे पुराना stock exchange है। यह 18 वीं शताब्दी में आया था जबकि NSE को अभी आए हुए 30 साल से भी कम समय हुआ है। और अगर Globale Stock Exchange की बात की जाए तो BSE दसवें स्थान पर है और NSE 11वें स्थान पर है।
  2. NSE एक complete electronic trading platform पर काम कर रहा है। इसने अपने शुरुआत के समय से ही paperless trading system को अपनाया था। वही बात की जाए BSE की तो वह पेपर आधारित प्रणाली के हिसाब से काम करता है। उसने 90s में electronic trading करनी शुरू की थी। तो लेटेस्ट टेक्नोलॉजी की बात की जाए तो NSE पहले है और BSE बाद में।
  3. Derivative Contract Segment की अगर बात की जाए तो NSE की शुरुआत बड़ी है इसमें कम से कम पूरे Segment पर अपना कब्जा कर लिया है। NSE के दो खास सूचकांक NIFTY 50 और BANK NIFTY है। जोकि भारत में Derivative Segment में बहुत अच्छे व्यापार के रूप में घूम रहे हैं। वहीं अगर बात की जाए BSE निवेशकों और व्यवसायी की तो उन्होंने एनएसई के मुकाबले कम ही लाभ उठाया है।
  4. बात की जाए कि इनमें कितनी Companies listed है तो इसमें सबसे ज्यादा कंपनी BSE में है जो कि 5000 से भी ज्यादा है और एनएसई में 2000 कंपनियां लिस्टेड है इसके पीछे कारण यह है कि BSE का अस्तित्व NSE से बहुत ज्यादा पुराना है।

वैसे इन दोनों कंपनियों का अपना अलग महत्त्व हैं। दोनो कंपनियां अच्छी हैं और अपने ग्राहक की सुविधा के लिए निरंतर प्रयास करती रहती हैं।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज द्वारा लाए गए नए उपाय

National stock exchange of India Ltd. Equity derivatives बाजारों में लेनदेन करता है। यह बहुत पसंद आने वाली पेशकशो में से एक nifty50 index है जो भारतीय equity बाजार में बहुत बड़ी संपत्ति को Track करने में सक्षम है।

यह नए जमाने को पूरी तरह से e-trading देता है और यह भारत का सबसे पहला ऐसा stock exchange है।

ध्यान देने वाली बात यह है कि जून 2022 तक नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ने अपना कूल बाजार का आंकड़ा यानी कि पैसा 2.2 ट्रिलियन डॉलर तक कमाया था। इसी वजह से यह दुनिया का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज बन गया।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टो एक्सचेंज में से एक खास है।

Frequently Asked Questions

NSE का फुल फॉर्म क्या है?

NSE का full form “National stock exchange” होता है।

National stock exchange के founder कौन हैं?

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के founder का नाम M. J. Sherwaani है। ये भारतीय कार्यकारी और बैंकर थे। इन्होंने UTI, NHB और IL&FS के हेड के रूप में भी काम किया है। साथ ही साथ UTI के अध्यक्ष के रूप में इन्होंने 10 साल तक काम किया।

NSE के CEO कौन है?

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के CEO का नाम “आशीष कुमार चौहान” हैं। इनका चयन former CEO विक्रम विमाये की जगह पर हुआ था जिनका 5 साल का कार्यकाल 16 जुलाई 2022 को खत्म हुआ था।

Nifty की full form क्या होती हैं?

Nifty की full form “National Stock Exchange, fifty” है। निफ़्टी एक नेशनल स्टॉक एक्सचेंज और 50 का मिलाजुला नाम है यह इसीलिए है क्योंकि निफ़्टी 50 नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का एक खास बेंचमार्क इंडेक्स है। यह top 50 company को represent करती हैं।

NSE की व्यापार प्रणाली क्या हैं?

इसमें व्यापार एक open electronic order book के जरिए होते हैं जिसमें व्यापार के order को computer द्वारा जांच किया जाता है। यहां पर कोई बाजार का निर्माता नहीं होता। सभी order computer द्वारा Online संचालित होते हैं। जिसकी वजह से खरीदार और विक्रेता को कोई जान ही नहीं पाता।

में NSE में Shares कैसे खरीद सकता हूं?

इसके लिए सबसे पहले किसी broker या agency के माध्यम से demat account खोले। इसके बाद आप शेयर का लेनदेन कर सकते हैं।

क्या अमेरिकी भारतीय शेयर बाजार में इन्वेस्ट करते है?

हाँ, अमेरिकी भारतीय शेयर बाजार में इन्वेस्ट करते है। वह ऐसा Exchange Traded Funds में निवेश करके कर सकते हैं या फिर जिस कंपनी में वह निवेश करना चाहते हैं उसकी American Depository Receipt खरीदनी जरूरी होती है।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के असूचीबद्ध शेयर कैसे खरीदें?

आज के समय में भारत में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के सूचीबद्ध शेयरों की कीमत 3335 शेयर है, भारत में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के गैर सूचीबद्ध शेयरों को अगर आप खरीदना चाहते हैं तो इसके लिए सबसे अच्छा प्लेटफार्म Stockify आई है।

वैसे तो गैर सूचीबद्ध के जीतने भी शेयरों को खरीदने और बेचने में थोड़ा सा जोखिम रहता है लेकिन गैर सूचीबद्ध शेयर खरीदने और बेचने में किसी रियल वेबसाइट से भरोसा करके जोखिम की समस्या कम हो जाती है जैसे की Stockify एक सुरक्षित प्लेटफार्म है जहां से आप ट्रेडिंग कर सकते हैं।

NSE (National Stock Exchange) धन कैसे कमाता है?

NSE अपने यहां लेनदेन करने का शुल्क लेता हैं। जैसे Trading fees, Services fees, listing fees, security deposit fees, clearing and settlement fees, Sponsorship and promotion fees इत्यादि।

National Stock Exchange में कितनी कंपनियां पंजीकृत है?

1992 में NSE को स्थापित किया गया था उसके बाद से अब तक इसमें कम से कम 2000 listed company है। जो कि निवेश और व्यापारी दोनों के रूप में यहां पर कार्य कर रहे हैं।

NSE का turnover प्रतिदिन कितना होता हैं?

NSE का प्रतिदिन लगभग 150 trillion भारतीय मुद्रा में होता हैं।

NSE के shareholders कौन हैं?

NSE के मुख्यतः चार Shareholders हैं। LIC, SBI, India Infoline Limited and Stock Holding Corporation of India Limited.

NSE में top listed company के नाम क्या हैं

  • Reliance Industries Ltd.
  • Tata Consultancy services Ltd.
  • HDFC Bank Ltd.
  • Infosys Ltd.
  • Hindustan Unilever Ltd.
  • Housing Development and finance corporation Ltd.
  • ICICI Bank Ltd.
  • State Bank of India.
  • Kotak Mahindra Bank.
  • Wipro Ltd.
  • Bajaj Finance Ltd.
  • Bharti Airtel Ltd.

यह सभी NSE में LISTED कुछ खास COMPANY है सभी के नाम यहां देना संभव नहीं है इसीलिए जानी-मानी कुछ खास कंपनियों के नाम यहां पर हैं।

निष्कर्ष

उम्मीद हैं कि आपको यह जानकर अच्छा लगा होगा कि कैसे एक भारतीय शेयर बाजार कुछ ही सालों में उन्नति करने लगा है। इस लेख में आपने नेशनल stock exchange के बारे में काफी जानकारी प्राप्त कर ली होगी।

अगर आपको इस लेख से संबंधित कोई भी राय या प्रश्न हो तो हमारे साथ टिप्पणी के माध्यम से सांझा अवश्य करें। आपकी प्रतिक्रिया हमे आपके लिए और अधिक महत्वपूर्ण लेख लिखने के लिए प्रेरित करती हैं।

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